E – Cigarette Kya Hai | ई – सिगरेट के फायदे और नुकसान

ज्यादातर लोग शौक के तौर पर सिगरेट पीना शुरू करते हैं. स्टाइल मारने के चक्कर में कब वो इसके आदि हो जाते हैं उन्हें पता ही नहीं चलता. उम्र ढलने के साथ साथ जब उन्हें सिगरेट पीने के नुकसान बुरी तरह से प्रभावित करने लगते हैं तो वो उसका विकल्प खोजना शुरू कर देते हैं. उन्ही विकल्पों में से एक हैं ई – सिगरेट. सबसे पहले जानेंगे E – Cigarette Kya Hai.

बहुत से लोगों को E – Cigarette की जानकारी बिलकुल भी नहीं है, लेकिन आज आपको हमारी पोस्ट What Is E – Cigarette In Hindi में आपको इसकी पूरी जानकारी हम देंगे. जब तक खून गर्म रहता है, यानी व्यक्ति 35 साल का नहीं होता तब तक उसे किसी भी प्रकार के नशे के दुष्प्रभाव नज़र नहीं आते. क्योंकि तब तक शरीर में जान होती है.

लेकिन जब आदमी 35 की उम्र को पार करता है तो उसकी शारीरिक और मानसिक शक्ति धीरे धीरे कम होती चलती जाती है. उम्र का प्रभाव बढ़ने लगता है. तब जाकर उसे बीड़ी – सिगरेट पीने के साइड इफेक्ट्स समझमे आने लगते हैं. उसके बाद व्यक्ति सोचता है की यार या तो किसी तरह से सिगरेट छोड़ी जाए, या फिर इसकी जगह कुछ ऐसी चीज़ मिल जाए जिसके नुकसान कम हों.

आदमी की इसी लालसा ने आविष्कार करवाया E  – Cigarette का. एक चीनी फार्मासिस्ट ने इसे 2003 में ये सोचकर बनाया की इससे सिगरेट पीने की तलब भी मर जायेगी और हेल्थ भी खराब नहीं होगी. आपको बतादें की सन 2004 में ई सिगरेट बाज़ार में आ चुकी थी. लेकिन तब वाली सिगरेट आज वाली से कुछ अलग थी.

पुराने वाली ई सिगरेट में काफी कुछ सुधार किये जा चुके हैं. ई – सिगरेट बेचने वाली कम्पनीज का दावा है की ये सामान्य सिगरेट पीने से होने वाले नुकसान को 95% तक कम कर देती है. अब इसमें कितनी सच्चाई है ये हम इसी पोस्ट में बाद में जानेंगे. सबसे पहले आपको समझाते है की आखिर E – Cigarette क्या होती है और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है.

E – Cigarette Kya Hai – What Is E- Cigarette And Its Uses In Hindi

E – Cigarette का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, जी हाँ ये एक बैटरी से चलने वाली सिगरेट होती है. अब आप सोच रहे होंगे यार बैटरी से चलने वाली सिगरेट कैसे सामान्य बीड़ी सिगरेट की जगह इस्तेमाल की जा सकती है. इससे सिगरेट की तलब कैसे ख़त्म होगी, ये कैसे काम करती है और क्या ये सामान्य सिगरेट की जगह वास्तव में फायदेमंद है?

बहुत से लोग जो जानना चाहते हैं की E – Cigarette Kya Hoti Hai है और कैसे इस्तेमाल की जाती है. अब उनकी जिज्ञासा को शांत करते हैं. असल में ई सिगरेट सामान्य सिगार की तरह ही बनायीं जाती है. ये प्लास्टिक या किसी अन्य धातु की भी हो सकती है. इसको बिलकुल सिगरेट की तरह ही आकार देने की कोशिश की जाती है. इसके 5 मुख्य भाग होते हैं जिसमें ये बंटी होती है.

(1) सबसे आगे वाला भाग जो मुहं में डालने के लिए बनाया जाता है.

(2) रिचार्जेबल बैटरी

(3) निकोटिन कार्त्रेज (टैंक)

(4) हीट चैम्बर

(5) सबसे लास्ट वाला भाग जिसमें Led बल्ब लगाया जाता है.

इन्ही 5 चीज़ों को मिलाकर ई सिगरेट तैयार की जाती है. जिसमें 3 चीज़ें सबसे मेन हैं, बैटरी, निकोटिन टैंक और हीट चैम्बर. अब आपको समझाते हैं की E -Cigarette काम कैसे करती है. ई सिगरेट में किसी प्रकार का कोई तम्बाकू नहीं होता है. इसमें एक छोटा सा टैंक होता है जिसमें लिक्विड निकोटिन भरा जाता है. आप इसे खाली होने पर दुबारा भी भरवा सकते हैं.

E - Cigarette Kya Hai Aur Iske Fayde Nuksan Kya Hai Jaaniye

जब आप इसे मुहं में रखकर कश खींचने की कोशिश करते हैं तो बैटरी अपना काम करना शुरू कर देती है. इसी बैटरी से उर्जा पाकर हीट चैम्बर बहुत गर्म हो जाता है जो लिक्विड निकोटिन से भाप बनाना शुरू कर देता है. यही निकोटिन की भाप आपके अन्दर जाती है और आपके मष्तिष्क को निकोटिन मिल जाता है. इसीलिए इसको पीने के बाद सिगरेट पीने की इच्छा ख़त्म हो जाती है.

जब आप भाप को अपने मुहं में खींचते हैं तो ई सिगरेट के आगे वाला हिस्सा जिसमें छोटा सा बल्ब होता है, वो हर बार जलता है. इससे पीने वाले को ऐसी फीलिंग आ जाती है जैसी नार्मल सिगरेट पीने पर उसका कागज़ और तम्बाकू जल रहे हों.

E – Cigarette Kya Hai – E Cigrette Ke Fayde Aur Nuksan

आपको स्पष्ट रूप से बता दें की जब आप कश खींचते हैं तो इसमें मौजूद लिक्विड निकोटिन जलता नहीं है. बल्कि ये गर्म होकर भाप बनता है. तो आपके मुहं में धुआं नहीं भाप जाती है. इसीलिए कंपनियां दावा करती हैं की E – Cigarette Peene Ke Nuksan साधारण बीड़ी सिगरेट पीने की तुलना में कम हैं. इसके बारे में भी अभी चर्चा करेंगे.

कई लोगों में इसको लेकर काफी सारे भ्रम हैं. जैसे क्या इसे सिगरेट की जगह लगातार इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है, या फिर सिगरेट छोड़ने में सहायता करने के लिए. तो एक बार आप अच्छी तरह से दिमाग में बिठा लीजिये की यदि आप ई सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं तो आप सिगरेट छोड़ नहीं पाएंगे.

इसका कारण ये हैं की इसमें भी निकोटिन तो होता ही है. वो चाहे भाप के द्वारा आपके शरीर में जाए या फिर धुआं के द्वारा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. निकोटिन की तलब तो आपके शरीर को लगी ही रहेगी. अब बात आती है की फिर इसे क्यों पीया जाए? E – Cigarette Kya Hai और इसके फायदे क्या हैं? अगर इसके बेनेफिट्स हैं ही नहीं तो क्यों इसका इस्तेमाल करें.

तो कम्पनीज के अनुसार आप इसे अपनाकर एक तो अपना सालाना खर्चा कम कर सकते हैं. मान लीजिये आप एक दिन में 10 नार्मल सिगरेट पीते हैं, तो आपका 1 दिन का खर्च 100 रूपए होता है और महीने का 3000. आपको जानकर आश्चर्य होगा की ई सिगरेट इससे काफी सस्ती पड़ जाती है. तो आप एक साल में काफी पैसे बचा सकते हैं.

दूसरा दावा कंपनियां ये करती हैं की नार्मल सिगरेट पीने से हेल्थ बहुत ज्यादा और बहुत जल्दी ख़राब होती है. जबकि E – Cigarette Ke Nuksan इनकी तुलना में काफी कम है. कई कंपनियां तो 95% तक कम साइड इफेक्ट्स होने का दावा करती हैं. लेकिन हमारी तरह बहुत से और लोग भी हैं जो इस बात से सहमत नहीं हैं.

ई – सिगरेट पीने का फायदा एक ये भी है की इसे पीने से आपके फेफड़ों में टार नहीं जमता. जबकि नार्मल सिगरेट का सबसे बड़ा खतरा टार के रूप में ही होता है. नार्मल सिगरेट में जब उसका कागज़ और तम्बाकू साथ जलते हैं तो उससे कार्बन पैदा होता है. जो शरीर में जमा होते होते टार का रूप ले लेता है.

लेकिन ई – सिगरेट में ना तो तम्बाकू होता है और ना ही किसी प्रकार का कागज़ या पत्ता. इसलिए ये सिगरेट पीने से आप टार जैसी खतरनाक चीज़ से बच जाते है. लेकिन इन सब चीज़ों से ये साबित नहीं होता की E – Cigarette Istemal Karne Ke Nuksan हैं ही नहीं या फिर 90-95% तक कम हैं.

क्योंकि निकोटिन तो इसमें होता ही है, वो तो शरीर में जाता ही है. तो निकोटिन से होने वाले नुकसान तो व्यक्ति को होंगे ही. ई सिगरेट को भी पूरी तरह से सुरक्षित बिलकुल नहीं कहा जा सकता. इसमें इस्तेमाल किये जाने वाले लिक्विड निकोटिन में कुछ ऐसे तत्व पाए गए जो सामान्य सिगरेट से भी खतरनाक हैं. इसीलिए इसे बैन किया गया.

E – Cigarette Peene Ya Use Karne Ke Nuksan Side Effects

ई – सिगरेट पर drug and Cosmetic Act द्वारा की गयी कार्रवाई में ये सामने आया की इसमें इस्तेमाल किये जाना वाला लिक्विड निकोटिन सामान्य रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले निकोटिन की केटेगरी में नहीं आता है. इसमें बहुत ही खतरनाक तत्व जैसे फर्मेल्डईहाईड और ऐसिटिलडीहाईड पाए गए जो की हमारे स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही बुरे हैं.

और भी कई ऐसे केमिकल इसमें पाए गए तो सामान्य निकोटिन में पाए जाने वाले तत्वों की तुलना में 10 गुना से भी ज्यादा थे. तभी ये साफ़ कर दिया गया था ई सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं माना जा सकता.

ये हमारे गुर्दों और फेफड़ों के लिए सामान्य सिगरेट से भी ज्यादा हानिकारक हो सकती है. यहाँ तक की लम्बे समय तक इसका ज्यादा इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति की जान तक ले सकता है. ई – सिगरेट पीने के दौरान जो वाष्पीकृत निकोटिन आपके शरीर में जाता है उसमें ऐसे कण पाए गए जो कैंसर को जन्म दे सकते हैं.

यानी अगर आप ई सिगरेट पीते हैं तो कोई ताज्जुब की बात नहीं की आपको कैंसर हो जाए. यही कारण थे की सरकार ने नार्मल सिगरेट पर प्रतिबन्ध ना लगाकर पहले ई – सिगरेट के इस्तेमाल को रोकने का काम किया यानी इस पर बैन लगाया.

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उम्मीद हैं E – Cigarette Kya Hai और E – Cigarette Ke Fayde – Nuksan क्या हैं आपको अच्छे से समझ आ गए होंगे. जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे Like व Share जरूर करें. हमारे साथ जुड़ना चाहते हैं तो हमारे फेसबुक पेज को Like करलें व हमें सब्सक्राइब करलें. धन्यवाद.

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