Gynecomastia In Hindi

Gynecomastia क्या है, कारण, लक्षण और बचाव | Gynecomastia In Hindi

अगर आप जानना चाहते हैं की Gynecomastia Kya Hai और इसके कारण, लक्षण और बचाव क्या है तो स्वागत करते हैं हम आपका हमारी पोस्ट Gynecomastia In Hindi में. जहाँ आपको इसकी पूरी जानकारी दी जायेगी. हमारी कोशिश रहेगी की इसी पोस्ट में आपको बताएं की Gynecomastia से कैसे बचे, यानी इससे बचने के टिप्स हम आपको देंगे.

हम ये पोस्ट आपके सामने लेकर आ रहे हैं क्योंकि हमें लगता है की बॉडी बिल्डिंग करने वाले लड़कों के लिए ये जानकारी जरूरी है. Gynecomastia का बॉडी बिल्डिंग से भी बहुत बड़ा सम्बन्ध है. खासकर आजकल के कई बॉडी बिल्डर्स को ये बीमारी होती ही हैं. Gynecomastia के कारण ही कुछ ऐसे हैं की बॉडी बिल्डिंग करने वाले लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं.

Gynecomastia Kya Hai – Gynecomastia In Hindi

Gynecomastia से बचाव जानने से पहले ये जानना जरूरी है की ये है क्या और इसके होने के पीछे कारण क्या हैं. असल में आपने कई लड़कों में ये बीमारी देखी होगी. Gynecomastia का मतलब है लड़कों में ब्रैस्ट टिश्यूज का बढ़ जाना. जिससे उनके निप्पल्स में उभार आ जाता है और ये थोडा भद्दा सा लगता है.

Gynecomastia In Hindi
Gynecomastia Kya Hai

इसीलिए इनको Man Boobs भी कहा जाता है. अगर ब्रैस्ट टिश्यू कुछ ज्यादा ही बढ़ जाएँ तो लड़कों की चेस्ट में भी लड़कियों जैसा उभार फील होने लगता है. हमें पता है की ये बहुत ही irritate करने वाली चीज़ है. इसीलिए आगे हम Gynecomastia से बचने के तरीके Hindi में जानेंगे, ताकि लड़के इस बीमारी को लेकर सावधान रहें.

Gynecomastia Causes And Symptoms In Hindi – Gynecomastia के कारण

Gynecomastia क्या होता है आप समझ गए होंगे. वैसे इसके होने के कई कारण होते हैं, सबसे पहला और सबसे बड़ा कारण है Puberty. मतलब लड़कों की वो age जब उनमें हार्मोनल changes होना शुरू होते हैं. यानी 12 साल की उम्र से लेकर 18 साल की उम्र तक आपको Gynecomastia होने की संभावना होती ही है.

क्योंकि इस दौरान लड़कों में testosterone harmone ज्यादा बनना शुरू हो जाता है. ताकि लड़कों में मर्दों वाले गुण आ सकें, टेस्टोस्टेरोन ही वो हार्मोन है जो लड़कों में मर्दो वाले गुणों के लिए जिम्मेदार होता है. जैसे दाढ़ी मूंछ आना, छाती पर बाल आना, आवाज़ भारी होना, मांसपेशियां सुदृढ़ होना और बहुत कुछ और भी.

ये हार्मोन पुरुषों का मुख्य हार्मोन होता है. इसी तरह लड़कियों का मुख्य हार्मोन Estrogen होता है, जो उनमें लड़कियों वाले गुण पैदा करता है. जैसे आवाज़ पतली होना, छाती में उभार होना वगैरह.

तो जब Puberty के दौरान लड़कों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा एक दम से बढती है यानी जरूरत से ज्यादा हो जाती है तो हमारे शरीर में मौजूद एंजाइम जैसे Androgens  संतुलन बनाने के लिए Testosterone को Estrogen में बदल देता है. इस तरह से शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल भी जरूरत से थोडा ज्यादा हो जाता है.

बस यही होता है Gynecomastia का होने का कारण, एस्ट्रोजन ज्यादा होने के कारण लड़कों में थोड़े Females के गुण आना शुरू हो जाते हैं. जिसकी शुरुआत होती है निप्पल्स में उभार आने से. जिन्हें Gynecomastia या Man Boobs भी कहा जाता है. शुरुआत में हो सकता है की ये चेस्ट की किसी एक साइड यानी किसी एक निप्पल में हो.

या फिर हो सकता है की दोनों साइड में हो, या ऐसा भी हो सकता है की एक साइड कम हो और दूसरी साइड ज्यादा. एक बात हम आपको जरूर बताना चाहेंगे की इस चीज़ से बिलकुल भी घबराने की जरूरत नहीं है. Puberty के कारण हुआ Gynecomastia कुछ दिन में ही अपने आप गायब हो जाता है.

Gynecomastia Causes In Hindi में अब जानिये ये समस्या होने का दूसरा कारण. जिम करने वाले जरा ध्यान दें. आजकल जितने भी लड़के बॉडी बनाने के लिए जिम जाते हैं वो उनमें से ज्यादातर जल्द से जल्द बॉडी बनाने के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने से भी नहीं चूकते. बस यही दूसरा सबसे बड़ा कारण है Gynecomastia का.

स्टेरॉयड लेने से शरीर में हारमोंस का संतुलन बिगड़ जाता है और कहीं न कहीं एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ ही जाता है जो की Man Boobs का कारण बनता है. स्टेरॉयड लेने का सबसे बड़ा इफ़ेक्ट यही होता है की हमारा शरीर खुद टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बनाना बंद कर देता है. यही कारण है स्टेरॉयड छोड़ने के बाद एस्ट्रोजन टेस्टोस्टेरोन से ज्यादा हो जाता है और gynecomastia हो जाता है.

हालांकि इससे बचा जा सकता है यदि आप स्टेरॉयड इस्तेमाल करने के बाद सही से Post Cycle Therapy करें तो. पर बहुत से लोग पोस्ट साइकिल थेरेपी नहीं करते और उन्हें ये बीमारी हो जाती है. अब कुछ लड़के सोचते हैं की यार हमने तो स्टेरॉयड का कभी इस्तेमाल ही नहीं किया, हमने तो बस सप्लीमेंट लिए थे जैसे Creatine और प्रोटीन वगैरह.

तो दोस्तों बाज़ार नकली सप्लीमेंट्स से भरा पड़ा है, और बहुत सी फर्जी कम्पनीज अपने महंगे महंगे प्रोडक्ट्स में सस्ते Steroids का इस्तेमाल करती हैं. जिनका इस्तेमाल करने से भी आपको Gynecomastia जैसी बीमारी हो जाती है. Various Causes Of Gynecomastia In Hindi में अगले नाम आते हैं हमारा खाना, जेनेटिक्स और फर्मकोलोजिकल कारणों का.

जी हाँ अगर आप अक्सर ऐसी चीज़ें खातें हैं जिनसे हमारे शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ता है तो भी आपको ये बीमारी हो सकती है. जैसे मीट और सोयाबीन वगैरह का ज्यादा सेवन आपके अन्दर एस्ट्रोजन को बढ़ा देता है. इसके अलावा यदि आपके परिवार में किसी को जैसे दादा, पापा या चाचा में से किसी को ये बीमारी है या रही है तो आपको भी हो सकती है.

तो ये थे Gynecomsatia होने के कुछ कारण जिनके चलते आपको ये समस्या हो सकती है. अब आपको बताते हैं Gynecomastia के प्रकार, ये कई तरह के हो सकते हैं कुछ नार्मल और कुछ सीरियस जिनका ट्रीटमेंट जरूरी है. तो चलिए जानते हैं.

Types Of Gynecomastia In Hindi गाइनीकोमस्टिया के प्रकार

(1) Flase Gynecomastia – ये सिर्फ दिखने में Gynecomsatia होता है, बल्कि होती बस चर्बी ही है. अनाप सनाप खाने वाले और बिलकुल भी एक्सरसाइज ना करने वाले लोगों की चेस्ट में निप्पल एरिया के आस पास थोड़ी फैट जैम जाती है. जिसके कारण ये समस्या होती है.

(2) Pubertal Gynecomastia – जैसा की हमने बताया Puberty के दौरान होने वाले Harmonal Changes की वजह से ये होता है. जो की समय के साथ अपने आप दूर हो जाता है.

(3) Induced Gynecomastia  – कई प्रकार की ऐसी दवाएं और स्टेरॉयड हैं जिनका लम्बे समय तक इस्तेमाल करने से ये होता है. ये दवाएं आपके Harmonal System को प्रभावित करती हैं.

(4) Congenital Gynecomastia – इस प्रकार का Gynecomastia आपको जेनेटिक्स के कारण होता है. आपके परिवार में किसी सदस्य को होने के कारण आपको भी हो सकता है.

(5) Real Gynecomastia – ये असली Gynecomastia होता है जिसमें Glandular Increasement होता है और ब्रैस्ट के उत्तकों में वृद्धि हो जाती है. जिसके चलते आपके निप्पल्स के नीचे एक गाँठ बन जाती है.

Gynecomastia से बचने का तरीका Prevention Tips For Gynecomastia In Hindi

Pubertal और Congenital Gynecomastia पर हमारा जोर नहीं चल सकता. क्योंकि ये तो प्रकृति के नियम हैं. ऐसी स्थिति में आप बस इसका इलाज ही करवा सकते हैं. लेकिन बाकी के जितने भी Gynecomastia के प्रकार हैं उनसे हम बचने के कुछ तरीके आपको बता सकते हैं. बस कुछ सावधानियां आपको बरतनी हैं, चलिए जानते हैं.

– आप ऐसी चीज़ों का पता करें जिनको खाने से एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ता है. उन चीज़ों का ज्यादा सेवन करने से बचें. जैसे सोयाबीन, मीट, सोया प्रोटीन और ज्यादा पनीर वगैरह.

– अगर आप जिम जाते हैं और सप्लीमेंट लेना चाहते हैं तो ये निश्चित करें की वो सप्लीमेंट नकली न हो. हमारी तो यही सलाह है की पैसे भले ही थोड़े ज्यादा लगें, पर सप्लीमेंट ओरिजिनल और ब्रांडेड कंपनी का ही लें.

– सबसे पहले तो आपको यही सलाह देंगे की Steroids का इस्तेमाल बिलकुल ना करें. लेकिन फिर भी आप करना चाहते हैं तो इन्हें इस्तेमाल करने के बाद की जाने वाली P.C.T के बारे में पूरी जानकारी लें.

– Gynecomastia से बचने का सबसे ख़ास और आसान तरीका है Exercise. एक्सरसाइज करते रहने से आपकी चेस्ट एरिया में चर्बी नहीं जम पाती. जिससे इस समस्या के उत्पन्न होने का खतरा ही नहीं रहता.

– कभी भी डॉक्टर से पूरी तरह से परामर्श लिए बिना लम्बे समय तक किसी प्रकार की दवाओं का इस्तेमाल ना करें. कई बार Self Medication के चलते भी आपको ये रोग हो जाता है.

– नेचुरल तरीके से टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने वाले फूड्स खाएं. जिससे आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का लेवल सही बना रहेगा और Gynecomastia का खतरा टलेगा.

– प्लास्टिक कंटेनर में बंद चीज़ें ना खाएं. प्लास्टिक की पैकिंग में एस्ट्रोजेनिक केमिकल पाए जाते हैं, जिससे gynecomastia का खतरा बढ़ता है.

इन बातों का ध्यान रखके आप खुद को Gynecomastia से बचा सकते हो. लेकिन अगर आपको ये रोग हो चुका है और आपकी उम्र भी 20 साल से ज्यादा है तो हम अपनी अगली पोस्ट Gynecomastia Part 2 में इसके इलाज की पूरी जानकारी आपको देंगे. तब तक आप थोडा इंतज़ार कीजिये.

तो कैसी लगी आपको हमारी पोस्ट Gynecomastia In Hindi – Gynecomastia Kya Hai, इसके कारण, लक्षण और बचाव हिंदी में हमें comment करके जरूर बताएं. पोस्ट पसंद आई हो तो Like और Share जरूर करें. हमारे साथ जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को Like करलें और हमें सब्सक्राइब करलें. धन्यवाद.

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