नेगेटिव सोच कैसे दूर करे – पॉजिटिव कैसे रहें

Power of Positive Thinking In Hindi- सकारात्मकता एक ऐसी शक्ति है जो पहाड़ को भी अपने सामने झुका सकती है, इसे अगर कोई दैवीय शक्ति कहा जाए तो गलत नहीं होगा. आज हम आपको बताएँगे की नेगेटिव सोच कैसे दूर करे, सकारात्मक कैसे बने और पॉजिटिव सोच कैसे लाये. यानी आज हम आपको बताएँगे Sakaratmak Soch Ki Shakti In Hindi.

बुरा समय किसका नहीं आता, ये जीवन है और इसमें बुरी परिस्थितियों से भी लड़ना होता है. लेकिन इसके लिए जरूरी है की हमारी सोच हमेशा सकारात्मक हो और हम हमेशा कॉन्फिडेंस में रहें. वो कहते हैं न की समय खराब हो तो कुछ लोग टूट जाते हैं और कुछ लोग निखर जाते हैं. इसमें टूटते वो लोग हैं जो हमेशा नकारात्मक सोचते हैं और निखरते हैं पॉजिटिव लोग.

नेगेटिव सोच कैसे दूर करे Power Of Positive Thinking In Hindi

टेंशन और तनाव से भरी जिंदगी और कमरतोड़ जिम्मेदारियों ने आदमी को इतना कमजोर बना दिया है की उसके मन में हर वक़्त किसी ना किसी चीज़ की आशंका रहती ही है. ये कैसे होगा, वो कैसे होगा, मुझसे नहीं होगा, जरूर कुछ बुरा ही होगा जैसे जुमले उसके दिमाग में हमेशा घुमते रहते हैं. धीरे धीरे ऐसी परिस्थितियां आदमी को पूरी तरह से नकारात्मक बना देती हैं.

सकारात्मक बनें और जानिये नेगेटिव सोच कैसे दूर करे.

अब सवाल ये है की ये नेगेटिव सोच दूर कैसे करे, ऐसा क्या करें की आदमी हमेशा पॉजिटिव सोचे और नकारात्मकता उससे दूर ही रहे. ये सब इतना आसान नहीं है, लेकिन जो आसान नहीं है, इसका मतलब काम तो वो भी हो सकता है. एक बात पर जरूर गौर करें की नकारात्मकता सिर्फ आपके अकेले की समस्या नहीं है, लगभग हर आदमी सोच रहा है की पॉजिटिव सोच कैसे लाये.

ये बात बिलकुल 100% सच है की अगर आपको आज के दौर में किसी भी क्षेत्र में सफल होना है तो आपका सकारात्मक रहना बहुत जरूरी है. बिना पॉजिटिव थिंकिंग के आप किसी भी काम को ढंग से करने में कामयाब नहीं हो पाएंगे. इसलिए positive बनने के तरीके खोजना अत्यंत जरूरी है, हमारा Sakaratmak Soch Ki Shakti In Hindi पोस्ट पब्लिश करने का मकसद भी यही है.

तो चलिए अब पोस्ट को ज्यादा लम्बा नहीं करेंगे, जानने की कोशिश करते हैं की सकारात्मक कैसे बने, इसके लिए हमें क्या करना होगा. ऐसा क्या करना होगा हमें जिससे नेगेटिव सोच हमसे दूर रहे और हम हमेशा पॉजिटिव बने रहें. कुछ टिप्स आपको देने जा रहे हैं, उम्मीद है कुछ ना कुछ सुधार आपमें जरूर होगा.

Sakaratmak Soch Ki Shakti In Hindi नेगेटिव सोच कैसे दूर करे

(1) आत्म-विश्वास को बढ़ाना होगा– अगर आप चाहते हैं की आप हमेशा सकारात्मक रहें, तो इसके लिए आपको अपने आत्म विश्वास को बढ़ाना होगा. सेल्फ कॉन्फिडेंस का पाजिटिविटी के साथ बहुत बड़ा सम्बन्ध है. मान लीजिये आप को कोई थोडा सा मुश्किल काम करने को बोले, लेकिन सेल्फ कॉन्फिडेंस कम होने के चलते आप वो काम नहीं कर पाते हैं.

तो आपके दिमाग में एक धारणा बन जाती है की मुझसे तो हो ही नहीं सकता. और ये धारणा आपके दिमाग में negativity को जन्म देने का काम करती है. इस प्रकार जब लम्बे समय तक ऐसा चलता रहता है तो दिमाग पूरी तरह से नकारात्मक विचारों के चंगुल में ही फंस कर रह जाता है. इसलिए सकारात्मक बनने के लिए जरूरी है की पहले अपने आत्म विश्वास को बढ़ाएं.

जब आपका खुद पर विश्वास बढेगा तो आप मुश्किल काम भी कर पाएंगे और इससे आपके सोचने की धारणा भी बदल जायेगी. आपको लगने लगेगा की यार मै भी कर सकता हूँ. ऐसा जब लगातार होना शुरू हो जाएगा तो आपके दिमाग में ऑटोमेटिकली ये बात सेट हो जायेगी की आप कुछ भी कर सकते हैं. आप हमेशा positive रहने लग जायेंगे.

(2) मन काबू में करना सीखें– अगर आप सोच रहे हैं की नेगेटिव सोच कैसे दूर करे तो आपको अपने दिमाग पर control करना होगा. किसी भी व्यक्ति का positive या नेगेटिव रहना बस उसके दिमाग का ही खेल होता है. नेगेटिव सोच वाले व्यक्ति के दिमाग में नकारात्मक विचार लगभग पूरे दिन ही चलते रहते हैं, इसलिए दिमाग पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है.

लेकिन इसके लिए करे तो क्या करें, इसके लिए आपको अपना ध्यान भटकाना होगा. सबसे पहले तो आप सुबह के समय में थोडा ध्यान करें, धीरे धीरे करके ध्यान के समय को बढ़ाएं. जैसे जैसे आपका समय बढेगा आपको खुद महसूस होने लग जाएगा की अब आप शांत रह सकते हैं और अपने दिमाग को काबू में भी रख सकते हैं.

दूसरी बात, दिन के समय में जब भी आपके मन में नेगेटिव सोच या विचार आने लगे तो आप तुरंत ही अपने किसी मनपसंद काम में लग जाइए. जैसे गाने सुनना, टी वी देखना, बच्चों के साथ खेलना या फिर अपने किसी दोस्त के पास चले जाइए. मतलब नेगेटिव सोच को अपने ऊपर हावी होने से पहले ही अपना ध्यान किसी दुसरे काम पर लगा दें.

5 या 6 महीने तक जब लगातार आप ऐसा करेंगे तो आपका दिमाग बदलने लगेगा, नेगेटिव थॉट्स बाहर निकल जायेंगी. इस दौरान आप बार बार ये कभी ना सोचें की सकारात्मक या positive कैसे रहें. इससे आपके दिमाग में ये बात हावी हो जायेगी की आप तो नकारात्मक हैं.

(3) पॉजिटिव लोगों के साथ रहें– नेगेटिव थिंकिंग से बचने का सबसे अच्छा तरीका यही है की आप ऐसे लोगों के  साथ रहें जिनकि सोच positive हो. आपने ये तो सुना ही होगा की जैसे लोगों के साथ हम रहते हैं, वैसे ही बन जाते हैं. नेगेटिव लोगों से दूर रहने में ही भलाई है, वो कभी न कभी किसी ना किसी बहाने negativity show जरूर करते हैं जिसका गलत प्रभाव आप पर पड़ता है.

Sakaratmak Soch Ki Shakti In Hindi

सकारात्मक लोगों के साथ दोस्ती आपकी सोच बदलने में अहम् भूमिका निभा सकती है. क्योंकि उनके साथ रहते रहते हमारी भावना भी उनकी तरह ही बन जाती है. आपके अन्दर आत्म विश्वास रहता है, और अगर सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी भी है तो वो लोग आपको हमेशा पॉजिटिव रहने की सलाह देते हैं, जिससे आपका काम आसान हो जाता है.

(4) डॉक्टर से चेक अप करवाएं– मेरा एक दोस्त था जिसका नाम मै नहीं बताना चाहूँगा, मै रोज शाम को कुछ समय के लिए उसके पास जाता था. तो हफ्ते में वो मेरे सामने कम से कम 2-3 बार एक चीज़ का जिक्र जरूर करता था की यार पता नहीं क्या हो गया है मुझे. मै हमेशा नेगेटिव ही सोचता रहता हूँ, अजीब सा डर लगा रहता है, ये नेगेटिव सोच कैसे दूर करे.

मैने उससे कहा की किसी psychologist से मिललो एक बार. वो डॉक्टर के पास गया और डॉक्टर ने थोड़ी देर उससे बात करके तुरंत ही उसको बीमारी बता दी. दरअसल वो एंग्जायटी से जूझ रहा था. इस बिमारी के चलते आदमी के बस की बात रहती ही नहीं, वो हमेशा बस नेगेटिव विचारों के जाल में उलझा रहता. अनजाना डर उसे सताता रहता है.

तो हमारे कहने का मतलब ये है की अगर आप हद से ज्यादा नकारात्मक सोच रहे हो, positive तो सोच ही नहीं पा रहे हो तो एक बार डॉक्टर से परामर्श लेना बनता है. मेरे दोस्त ने भी 5 महीने दवा ली और अब वो बिलकुल ठीक है. ऐसा आपके केस में भी हो सकता है.

(5) लापरवाह बनें– Sakaratmak Soch Ki Shakti In Hindi में अब आप जानेंगे की किस प्रकार आपका लापरवाह होना आपको negativity से बचा सकता है. असल में इस दुनिया में हर तरह के लोग रहते हैं, कुछ हमसे प्यार करते है और कुछ हमसे जलते हैं यानी हमसे नफरत करते हैं. वो लोग कभी न कभी कुछ ऐसी बात बोल देते हैं जो हमारे सेल्फ कॉन्फिडेंस पर चोट करती है.

और हम उस बात के बारे में बार बार सोचकर परेशान रहने लगते हैं, धीरे धीरे हम सच में नकारात्मक सोचने लगते हैं. इसीलिए हम आपसे कह रहे हैं की कभी कभी लापरवाह बनना भी जरूरी होता है. ऐसे लोगों की बातों पर बिलकुल भी ध्यान ना दें, उन्हें बस मज़ाक में अनसुना कर दें. अगर आप सोच रहे हैं की पॉजिटिव कैसे बनें, तो इस पॉइंट को हमेशा दिमाग में रखें.

(6) खुद की तारीफ़ जरूर करें– अपने आप में सकारात्मकता बढ़ाने के लिए आपको खुद से प्यार करना सीखना होगा. ध्यान रखिये जितना ज्यादा आप खुद से नफरत करेंगे उतनी ही आपमें नेगेटिव थिंकिंग बढ़ेगी. हमेशा अपने आप से संतुष्ट रहें, आप जो हासिल नहीं कर पाए उसके बारे में सोचने से कोई फायदा नहीं. आपने जो हासिल किया उसको याद करके खुद पर गर्व करें.

अपनी छोटी छोटी उपलब्धियों को याद करें, आपमें कोई टैलेंट था तभी तो आप वो सब हासिल कर पाए थे. बुरी बातों को छोड़कर अपने अच्छे समय को याद करें. इस तरह से आपमें एक नयी उर्जा का संचार होगा जो आपके अन्दर के negative thoughts को बाहर निकालेगी.

(7) नेवर गिव अप– नेगेटिव सोच कैसे दूर करे या फिर सकारात्मक कैसे बने का सबसे अच्छा जवाब यही है. इसका मतलब है मुश्किल काम या परिस्थिति को देखकर कभी भी अपने हाथ खड़े मत करो. हार मत मानो, जिस काम से आपको डर लगता है, उसको जरूर करो. हो सकता है शुरू में आप उसको ना कर पाओ लेकिन यकीन मानिए एक दिन जरूर होगा.

जब आप मुश्किल काम या परिस्थिति के सामने डटकर खड़े होने लगेंगे तो मुश्किलें आसान हो जाएँगी. इससे आपमें एक नया आत्मविश्वास जागेगा और आपके अन्दर पाजिटिविटी बढ़ेगी. जब धीरे धीरे सकारात्मकता बढ़ने लगेगी तो नकारात्मकता ऑटोमेटिकली कम होने लगेगी.

(8) ईश्वर पर विश्वास– Power Of Positive Thinking In Hindi तो आप पढ़ ही चुके हैं, Power Of God के बारे में भी थोडा जान लीजिये. इंसान का शरीर हो या फिर उसका घर. कहते हैं इस दुनिया में नकारात्मक शक्तियां वहां पायी जाती है जहाँ ईश्वर का वास नहीं होता. यानी कोई पूजा पाठ नहीं होता, जहाँ भगवान् को माना ही नहीं जाता.

इस दुनिया में सारी चीज़ें हैं, नकारात्मक शक्तियां भी मौजूद हैं. आपको थोडा समय ईश्वर को भी देना चाहिए, उनका ध्यान करना चाहिए, थोडा पूजा पाठ करना चाहिए, धार्मिक कार्यों में सहभागी बनना चाहिए. यकीन मानिए ऐसा करने से आपके अन्दर निहित नकारात्मक शक्तियां शक्तिविहीन हो जायेंगी और आप positive बनकर उभरेंगे.

(9) प्रेरक कहानियां पढ़ें– इस दुनिया में बहुत से ऐसे लोगों के उदाहरण आपको मिल जायेंगे जिन्होंने अपनी नेगेटिव सोच को पाजिटिविटी में बदला और बड़ी बड़ी सफलताएं हासिल की. उन्होंने ऐसा कैसे किया, उनके बारे में पढ़ें. बहुत सी किताबें motivational स्टोरीज की बाज़ार में उपलब्ध हैं, या फिर आप इन्टरनेट पर भी पढ़ सकते हैं. इससे आपको जरूर फायदा होगा, आपकी सोच बदलेगी.

(10) फोकस करना सीखें– नेगेटिव सोच वाले लोगों में एक बड़ी कमी पायी जाती है, और वो है किसी भी काम पर फोकस नहीं करना. उनके दिमाग में बस एक ही चीज़ रहती है की नहीं मुझसे ये नहीं पायेगा, इस चक्कर में बस वो फोकस कर ही नहीं पाते. अपने मन को शांत करें और एक बार सब कुछ भूलकर जो काम करना है उस पर फोकस तो करें.

फिर आपको समझ आएगा की मुझे ये काम कैसे करना है, उसके बाद उस काम से उलझ जाइए और उसको कर के ही दम लीजिये. ध्यान रखिये जितना ज्यादा आप मुसीबतों से लड़ेंगे उतने ही ज्यादा आप positive बनेंगे. घर में खाली पड़े पड़े तो सिर्फ नकारात्मक विचार ही आयेंगे आपके दिमाग में. निखरने के लिए अपने आप को छोटे मोटे चैलेंज देते रहिये और सक्रिय रहिये.

इन्हें भी जरूर पढ़ें-

रात में जल्दी सोने के फायदे भी कम नहीं हैं

बॉडी का स्टैमिना कैसे बढ़ाये, ख़ास टिप्स

मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले नुकसान

हमेशा खुश कैसे रहे, खुश रहने के सटीक तरीके

तो कैसी लगी आपको हमारी पोस्ट नेगेटिव सोच कैसे दूर करे Sakaratmak Soch Ki Shakti In Hindi हमें comment करके जरूर बताएं. पोस्ट पसंद आई हो तो Like और Share जरूर कीजिये. हमारे फेसबुक पेज को Like करलें और फेसबुक पर भी हमारे साथ जुड़ जाएँ. धन्यवाद.

Leave a Reply