Post Cycle Therapy क्या है, पूरी जानकारी

Post Cycle Therapy (PCT) क्या है और कैसे करे

Post Cycle Therapy In Hindi- अगर आप लोगों को थोडा सा भी बॉडी बिल्डिंग में इंटरेस्ट है तो आपने स्टेरॉयड का नाम जरूर सुना होगा. और अगर स्टेरॉयड का नाम सुना है तो फिर Post Cycle Therapy यानी PCT का नाम भी जरूर सुना होगा. Post Cycle Therapy क्या है और PCT कैसे की जाती है यानी Post Cycle Therapy करने का तरीका क्या है, ये हम आपको इस पोस्ट में बताने वाले हैं.

हमें हर जगह सुनने को मिलता है की स्तेरोइड्स का इस्तेमाल करना किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है, लेकिन फिर भी जल्दी से जल्दी बॉडी बनाने की चाहत रखने वाले लोग अवैध रूप से इसका इस्तेमाल करने से नहीं चूक रहे हैं. बाद में उन्हें इनके खतरनाक नुकसान झेलने पड़ते हैं. इसका मुख्य कारण ये है की उन्हें नहीं पता होता की स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने के बाद PCT भी करनी होती है.

Post Cycle Therapy In Hindi, How To Do PCT In Hindi

हमारे देश में भी अब स्टेरॉयड का इस्तेमाल बढ़ गया है. जिम करने वाला लगभग हर तीसरा चौथा शख्श इसके चंगुल में फंस रहा है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उसने ये तो कई जगह से सुना होता है की फलां स्टेरॉयड लेने से बॉडी बहुत जल्दी बन जाती है. लेकिन ये नहीं सुना होता की हर बार स्टेरॉयड लेने के बाद PCT यानी Post Cycle Therapy भी करनी पड़ती है.

नहीं तो बॉडी बनने के बजाय आपको इतने घातक नुकसान झेलने पड़ सकते हैं की आपके पास पछतावे के अलावा कुछ भी नहीं बचता. अगर आपने गलती से स्टेरॉयड इस्तेमाल करने के बारे में सोच ही लिया है तो Post Cycle Therapy कैसे करे, Post Cycle Therapy क्या है और इसे करना क्यों जरूरी है, इन सब के बारे में पहले से ही पूरी जानकारी ले लीजिये.

Post Cycle Therapy क्या है, पूरी जानकारी

अन्यथा ये सब आपके लिए बहुत भारी पड़ने वाला है. आधा अधूरा ज्ञान आपको अपनी मंजिल पर पहुचाने के बजाय ऐसी जगह लाकर खड़ा कर देगा, जहाँ से वापिस आना बहुत मुश्किल होगा और आपकी ज़िन्दगी बर्बाद हो सकती है. स्टेरॉयड इस्तेमाल करना कोई बच्चों का खेल नहीं है, इसके बारे में हर छोटी से छोटी जानकारी रखना बहुत जरूरी होता है.

जितने भी मॉडल्स, एक्टर्स और बॉडी बिल्डर्स इनका इस्तेमाल करते हैं, वो सब एक्सपर्ट्स की देख रेख में ही इनका इस्तेमाल करते हैं. लेकिन उनके फैन यानी हम बिना पूरी जानकारी के ही इनका इस्तेमाल करने की सोच लेते हैं जो की बहुत ही गलत और खतरनाक है. चलिए सबसे पहले आपको बताते हैं की Post Cycle Therapy यानी PCT क्या होती है.

Post Cycle Therapy क्या है, PCT कैसे करे

देखिये जब भी हम कोई स्टेरॉयड लेने की सोचते हैं तो सबसे पहले हमें ये देखना होता है की हमें वो कितने दिन तक लेना है. यानी 4 हफ्ते, 8 हफ्ते या फिर 10 हफ्ते. 8 हफ्ते या फिर 10 हफ्ते के चक्र को स्टेरॉयड लेने का एक सुरक्षित और असरकारी cycle माना जाता है. उसके बाद हमें ये पता करना होता है की हम जो स्टेरॉयड इस्तेमाल कर रहे हैं वो लेना बंद करने के बाद भी हमारे शरीर में कितने दिन तक रहेगा.

बस यही से शुरू होता है PCT का मसला. देखिये जब हम स्टेरॉयड इस्तेमाल करते हैं तो उनसे हमें बाहरी हारमोंस मिलते हैं, जो की हमारे शरीर में जाके हमारे शरीर के अन्दर के हार्मोनल सिस्टम को बुरी तरह से प्रभावित करते हैं. यानी हमारा शरीर जो हारमोंस खुद से बनाता था, उन्हें बनाना वो बंद कर देता है. यानी शरीर पर पूरा का पूरा बाहर के हारमोंस का control हो जाता है.

मान लीजिये हम टेस्टोस्टेरोन enanthate स्टेरॉयड के इंजेक्शन हर हफ्ते ले रहे हैं. तो हमारा शरीर खुद से जो टेस्टोस्टेरोन बना रहा था वो बनाना पूरी तरह से बंद कर देता है. और जब तक आप इंजेक्शन लेते रहेंगे ऐसा ही चलता रहेगा. आपके testicals सिकुड़ जायेंगे और उनमें टेस्टोस्टेरोन बनने की प्रक्रिया बंद हो जायेगी.

तो जब हमारा cycle पूरा होगा यानी हम स्टेरॉयड लेना बंद करेंगे, तो उसके बाद यही चाहेंगे ना की हमारा शरीर अब दुबारा से अपने खुद के हारमोंस बनाना शुरू कर दे? अगर ऐसा नहीं हुआ तो जाहिर सी बात है की हम नपुंसक हो जायेंगे. इसलिए PCT करना जरूरी होता है. Post Cycle Therapy करने से हमारे शरीर का हार्मोनल सिस्टम दुबारा से जल्दी से जल्दी activate हो जाता है.

हर बार स्टेरॉयड लेने का चक्र पूरा होने के बाद आपको PCT करनी होगी ताकि आपका सिस्टम दुबारा से पटरी पर आ जाए और शरीर अपने खुद के हारमोंस बनाना बंद ना कर दे.तो Post Cycle Theraphy क्या है आपको समझ आ गया होगा. अब बात आती है की Post Cycle Therapy कैसे करे, यानी PCT कैसे की जाती है? तो चलिए थोडा इस पर भी बात कर लेते हैं.

Post Cycle Therapy कैसे करे, सही तरीका और दवाएं

ये तो आप जान ही गए होंगे की PCT करने का असली मकसद हमारे शरीर से स्टेरॉयड को पूरी तरह से साफ़ करना और हार्मोनल सिस्टम को दुबारा से activate करना होता है. अब आपको बताते हैं की Post Cycle Therapy कैसे की जाती है और इसे करने के लिए किन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है. दो तरह की दवाएं हैं जिनका इस्तेमाल भारत में सबसे ज्यादा किया जाता है PCT करने के लिए.

एक है Clomid और दूसरी है Nolvadex, जी हाँ ये दोनों बहुत ही पोपुलर हैं अपने काम के लिए. Nolvadex आपको Tamoxifen Citrate के नाम से आसानी से मिल जाती है. इनके अलावा HCG का इस्तेमाल भी बहुत लोग करते हैं PCT करने में. लेकिन हमारी नज़र में Nolvadex सबसे बढ़िया दवा है PCT के लिए. अब आपको एक उदाहरण देकर समझाते हैं की PCT कैसे करे.

मान लेते हैं आपने 10 हफ्ते तक Testosterone Enanthate स्टेरॉयड के इंजेक्शन लिए. अब आपका चक्र पूरा हो गया है और अब आपको इंजेक्शन लेने बंद करने हैं. तो सबसे पहले तो आपको ये पता करना है की testosterone enenthate की जो डोज़ हम ले रहे हैं वो हमारे शरीर में कितने दिन तक रह सकती है, यानी उसका असर कितने दिन तक हमारे शरीर में रहेगा.

किसी स्टेरॉयड का असर 24 घंटे रहता है, किसी का 5 दिन, किसी का 10 दिन और किसी का 15. तो यहाँ हम आपको बतादें की testosterone enanthate का असर 7 दिन तक रहता है. तो आखिरी इंजेक्शन लेने के 7 दिन बाद आप अपनी PCT शुरू कर सकते हैं. जिस दिन आपने अपना आखिरी इंजेक्शन लिया था उसके ठीक 7 दिन बाद से आप अपनी PCT शुरू कर दें.

मान लीजिये आपने Post Cycle Therapy करने के लिए Nolvadex दवा को चुना. तो आपको nolvadex की डोज़ कितनी रखनी है ये उस पर निर्भर करेगा की आप testosterone enenthate की per वीक कितनी डोज़ ले रहे थे. आम तौर पर लोग 500 mg per वीक लेना सुरक्षित समझते हैं. तो अब आपको Post Cycle Therapy कैसे करनी है ये समझ लीजिये.

पहले हफ्ते- Nolvadex – 40 mg

दुसरे हफ्ते-  Nolvadex – 20 mg

तीसरे हफ्ते- Nolvadex – 20 mg

चौथे हफ्ते-   Nolvadex – 10 mg

आपको पूरे एक महीने तक अपनी PCT को चलाना है. इस तरह से आपका शरीर दुबारा से अपने हार्मोन बनाना शुरू कर देगा और आपको किसी भी प्रकार के स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट झेलने नहीं पड़ेंगे. ध्यान रखिये बिना Post Cycle Therapy के स्टेरॉयड का इस्तेमाल करना आग से खेलने जैसा है. आशा है Post Cycle Therapy क्या है और कैसे की जाती है आपको समझ आ गया होगा.

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Note- ये पोस्ट सिर्फ हमारे पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए है. हम किसी को भी स्टेरॉयड इस्तेमाल करने की सलाह नहीं देते, बल्कि हम खुद कह रहे हैं की स्टेरॉयड इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत ही नुकसानदायक साबित हो सकता है, इसलिए जितना हो सके इनसे बचने की कोशिश करें. हमने बस आपको PCT की जानकारी बिलकुल आसान भाषा में देने की कोशिश की है.

तो दोस्तों ये थी हमारी पोस्ट Post Cycle Therapy क्या है और Post Cycle Therapy (PCT) करने का तरीका. पोस्ट से सम्बंधित कोई भी सवाल पूछने के लिए आप comment box में comment कर सकते हैं. पोस्ट को Like और Share जरूर कीजियेगा. धन्यवाद.

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